जिला जमुई,प्रखण्ड सिकन्दर से ज्योति कुमारी जी मोबाईल वाणी के माध्यम से बता रही है की प्लास्टिक हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गया है सभी जगह बड़ी संख्या में प्लास्टिक के थैले का प्रयोग होता है। प्लास्टिक का उपयोग करने के बाद हम उसे कूड़ेदान में फेक देते है । लेकिन अगर हम जुट के थैले का प्रयोग किये होते तो शायद दर्जन भर प्लास्टिक लेने की नौबत ही नहीं आती। प्लास्टिक पर्यावरण का सबसे बड़ा दुश्मन है प्लास्टिक सड़ नहीं पाता और जलाने की कोशिश की जाये तो हानिकारक गैस पैदा करती है ।