सदर प्रखंड के कैथवॉ गांव में भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होकर गांव पहुंचे लेफ्टिनेंट सुदामा सिंह का ग्रामीणों ने गांव की गलियों में घुमाकर उनका भव्य स्वागत किया। इससे पहले गांव के मोड़ से बाईकों के काफिले के साथ उनका आगवानी किया। लगभग 30 वर्षों तक सेना में अपनी सेवा देने के बाद 50 वर्ष की आयु में सेवानिवृत होकर गांव को आए, सेना में रहते हुए उन्होंने कारगिल की लड़ाई लड़ी और पाकिस्तानी सैनिकों के दांत खट्टे कर दिए थे। जबकि शांति सेना के रूप में साउथ अफ्रीका भी गए, आर्मी ट्रेनिंग सेंटर के इंस्टेकटर भी रह चुके है। आज सेवानिवृत होकर जब गॉव पहुँचे तो गॉव के युवा के द्वारा गाजा बाजा फूल,माला से भव्य स्वागत किया गया और गांव की गलियों में इन्हें घुमा कर ग्रामीणों स्वागत किया। इस दौरान उनके आने की खुशी में जमकर पटाखे भी छोड़े। स्वागत के दौरान ग्रामीण अपने हाथों में भारतीय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा भी लहरा रहे थे। जगह जगह लोग उन्हें फूल माला पहना कर स्वागत कर रहे थे।स्व कैलाश प्रसाद सिंह किसान के दो पुत्र और दो पुत्रियों में सुदामा सिंह को बचपन से ही देश सेवा के प्रति लगाव था। किसान परिवार में पैदा लिए लेफ्टिनेंट सुदामा सिंह शेखपुरा शहर स्थित रामाधीन कॉलेज में इंटर की पढ़ाई पूरी करने के बाद सेना में चले गए थे। उनके स्वागत के मौके पर गांव के युवा वर्ग के लोगों में हिमांशु शेखर, सौरव कुमार , सौरव रौक्स, विवेक बादशाह, अमन कुमार, के साथ बहुत लोग मौजूद थे। गांव के हर गलियों में घूमने के दौरान कैथबा गांव में पर्व -त्योहार सा नजारा देखने को मिल रहा था।अपने गांव के वीर सपूत के आगमन पर सभी लोग पलकें बिछाकर उनका स्वागत किया।