प्रखंड क्षेत्र में किसानों डीएपी खाद नहीं मिल रहा है। इससे गेहूं की बुआई प्रभावित हो सकती है। खाद नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। डीएपी खाद नहीं मिलने के साथ यूरिया की जरूरत को लेकर भी किसान हलकान हो रहे हैं। सरकारी दर पर खाद पाने के लिए पैक्स केंद्र पर महिलाएं भी लाइन में लग रही हैं। विक्रय केंद्र पर एक आधार कार्ड पर छह बोरी और बाजार में एक आधार कार्ड पर पांच बोरी अधिकतम यूरिया खाद मिल रहा है। किसानों का कहना है कि रेट में अंतर होने से हमलोग खाद लेने के लिए पहुंचे हैं। फिर भी किसानों को मनमाफिक यूरिया और डीएपी खाद नहीं मिल रहा है। दुकानदारों का कहना है कि इस महीने के अंत तक डीएपी खाद उपलब्ध होने की संभावना है।