बिहार राज्य से मुकेश कुमार दास,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि वो एक मज़दूर है। कोरोना महामारी से त्रस्त वो प्रदेश को रोजगार के लिए आये है। बीड़ी मज़दूर को 85 व 89 रूपए मिलते है। मज़दूरों का कोई रोज़गार नहीं है, कोई व्यवसाय नहीं है। बीड़ी मज़दूरों को बीड़ी बनाने का कम मज़दूरी मिलता है। ऐसे में वो परिवार का पोषण कैसे करें। कभी ऐसा समस्या आ जाता है कि परिवार वालों के बीमार पड़ने पर अस्पताल से दवाई नहीं मिलता है। ऐसे में मज़दूरों को आवाज़ उठानी चाहिए।