जमुई से मोबाइल वाणी के संवाददाता दिलीप पांडेय जी कहते है कि जमुई के सिकंदरा प्रखंड में लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया करने को लेकर जमुई जिले के सिकन्दरा प्रखंड मुख्यालय में करोड़ों की लागत से बनी जलमीनार शोभा की वस्तु बनकर रह गया है। क्षेत्र के लगभग डेढ़ लाख की आबादी लौह युक्त पानी पीने को विवश है। इससे कई प्रकार के बीमारी से लोग ग्रसित हो रहे हैं।जानकारी के अनुसार लगभग दस वर्ष पूर्व मुख्यालय के लोहंडा कॉलेज के खेल मैदान में शुद्ध पेयजल के लिए जलमीनार का निर्माण किया गया था।जगह-जगह पाइप भी बिछाई गई। कई जगहों पर नलकूप भी लगाये गये। शुरुआत के कुछ दिनों तो पानी का सप्लाई हुआ। परंतु वर्ष 2011 में सड़क निर्माण कंपनी के द्वारा सड़क निर्माण के क्रम में बिछाए गए पाइप को क्षतिग्रस्त कर दिया। और तबसे विभाग के द्वारा न तो नए पाइप को बिछाया गया और न ही इसके लिए कोई ठोस पहल किया गया। सिकंदरा के प्रभारी डॉ.अजयेंद्र कुमार का कहना है कि पानी में बहुत ज्यादा आयरन रहने के कारण बीमारी बढ़ रही है। दूषित पानी के सेवन से लोगों में कई तरह के रोग हो रहे है जैसे अल्सर, पीलिया, चर्म रोग, लीवर संबंधी बीमारी हो रही है।
