मिर्ची कला :कला की दुनिया में एक और नाम इस कला को मिर्ची कला का नाम देना इसलिये सर्वथा उपयुक्त है कि इसके निर्माण में सिर्फ और सिर्फ मिर्ची एवं कहीं-कहीं इसके ही फूल का इस्तेमाल किया गया है। कह सकते हैं कि एक नारी का चेहरा उभारने में कलाकार ने सामग्री से ज्यादा दिमाग का इस्तेमाल किया है।सामग्री के नाम पर है सिर्फ विभिन्न आकार - प्रकार की हरी मिर्ची , जिसके सहारे कला को मूर्त रूप दिया जा सका है । सिर्फ आंख और कान का झुमका बनाने में मिर्ची के फूलों का उपयोग किया गया है । बाकी भौंह से ले कर पलक तक और नाक से ले कर होंठ,चेहरा और बालों के निर्माण तक में मिर्ची ही मिर्ची है । किया इतना गया है कि इसके लिये मिर्ची को बस करीने से सजा भर दिया है कलाकार ने , जिसे देख कर ऐसा लगता है जैसे पेंसिल से आकृति गढ़ी गयी हो ।