झारखण्ड राज्य के गिरिडीह ज़िला से सर्वेश तिवारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि गिरिडीह झारखंड से सर्वेश तिवारी बताते हैं कि झारखंड के निवासियों के विभिन्न राज्यों में फंसे लोगों को गृह जिलों में लाने की प्रक्रिया तेजी से प्रारंभ कर दी गई है। जिसमें विभिन्न जिलों द्वारा समीपवर्ती राज्यों में फंसे अप्रवासी मजदूरों/ व्यक्तियों/विद्यार्थियों को लाने हेतु सड़क मार्ग से लाने की तैयारियां जोर शोर से की जा रही है।इस संबंध में गिरिडीह के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी के द्वारा जानकारी दी गई कि कोविड 19 के बढ़ते प्रसार को देखते हुए देशव्यापी बंदी के दौरान सचिव,गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्राप्त निर्देश के आलोक में बिहार में फंसे हुए मजदूरों/ विद्यार्थियों एवं अन्य लोगों को बसों के माध्यम से गिरिडीह लाना है।उक्त अप्रवासी मजदूरों एवं व्यक्तियों को पटना,बिहार राज्य से गिरिडीह जिला लाने हेतु श्री बसंत कुमार, जिला परियोजना पदाधिकारी, डी आर डी ए को नियुक्त किया गया है।

झारखण्ड राज्य के गिरिडीह ज़िला से सर्वेश तिवारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि गिरिडीह झारखंड से सर्वेश तिवारी बताते हैं कि राजस्थान के कोटा से राज्य के छात्र छात्राओं को लेकर दूसरी ट्रेन यहां पहुंची।इससे पहले शनिवार को तेलंगाना से बारह सौ प्रवासी श्रमिकों को लेकर ट्रेन रांची पहुंची थी।दस जिलों धनबाद,गिरिडीह,बोकारो आदि के 954 छात्र छात्राएं सोमवार को सकुशल अपने अपने घरों को पहुंच गए।ट्रेन के धनबाद आने के बाद सभी की स्क्रीनिंग की गई।स्टेशन के मुख्य द्वार पर पहुंचते ही छात्र छात्राओं की खुशी का ठिकाना ना रहा।इन सभी छात्र छात्राओं को अपने गृह जिलों के प्रखंडों में स्थित उनके घरों में होम कवारें टा ई न कर दिया गया।

झारखण्ड राज्य के गिरिडीह जिला से झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से शिवचरण कुमार बताते है की झारखण्ड में शिक्षा का स्तर गिरने का कारण सरकारी विद्यालयों के शिक्षक है। सरकार को सरकारी शिक्षकों पर त्वरित कार्रवाई करने की जरूरत है।क्योंकि सरकारी विद्यालयों के शिक्षक अपने बच्चों को निजी विद्यालयों में पढ़ाते है।इस कारण अब गरीब और माध्यम वर्ग के अभिभावक अपने बच्चे का नामांकन निजी विद्यालयों में करतें है और जब सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों के बच्चे को निजी विद्यालयों पढ़ाते देखते है तो गरीब और माध्यम वर्ग के बच्चे भी सरकारी विद्यालयों में जाने से कतराते है।

झारखण्ड राज्य के गिरिडीह जिला से राम चंद्र जी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जब बच्चें विद्यालय से घर आते है, तो अविभावकों को बच्चों पर ध्यान देना चाहिए।परन्तु अविभावक बच्चे पर ध्यान नहीं देते है। कि बच्चे पढ़ाई कर रहे है, या मोबाइल पर ध्यान दे रहे है, चूंकि आज कल के बच्चे पढ़ाई पर काम मोबाइल पर ज्याद ध्यान देते है, और इस कारणवश बच्चों में पढ़ाई का स्तर गिरता जा रहा है। बच्चों पर अविभावकों को नजर रखनी चाहिए।बच्चे को दिया गया होम वर्क को चेक करना चाहिए और शिक्षक को बताना चाहिए कि बच्चे में पढ़ाई को लेकर सुधार है या नहीं। तभी जा कर देश और राज्य में शिक्षा के स्तर में सुधार होगा। और बच्चें शिक्षित होगें और देश का विकास होगा।

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