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हजारीबाग जिले के ईचाक प्रखंड से तेजनारायण कुशवाहा जी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि झारखण्ड में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। सूचना का अधिकार अधिनियम भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए उपयोग किया गया है, लेकिन व्यवस्था में भ्रष्टाचार की भरमार है। इस पर किसी भी तरह का अंकुश नहीं लग पाया है। हर जगह निगरानी का ब्यौरा बनाया गया है, लेकिन ये भी कही कामगार साबित नहीं हो रही है। ग्रामीण-शहरी क्षेत्र हो या जनप्रद नगर-पालिका हो सभी जगह पर भ्रष्टाचार हावी चूका है। प्रत्येक सरकारी योजनाये जैसे- कुंआ, तालाब, पोखर, नदी, नाला, नहर, लघु-सिचाई एवं अन्य योजनाओ में कमीशन-खोरो का तांता लगा हुआ रहता है।
हजारीबाग जिले के इचाक प्रखंड से तेजनारायण प्रसाद कुशवाहा जी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि उनके हजारीबाग प्रखंड में जल,वायु एवं ध्वनि प्रदूषण चरम सीमा पर पहुँची हुई है। जिससे लोगो की आंशिक दृष्टि और सुनने की शक्ति धीरे-धीरे समाप्त होते जा रही है। आज के समय में जितने भी शादियाँ हो रही है उसके अंतर्गत जो डी.जे बाजा बजाया जाता है जिसके कारण ध्वनि प्रदूषण को ज्यादा बढ़ावा मिल रहा है। प्रदूषण से लोगो की स्वास्थ्य पर असर पड़ते दिख रहा है।
तेजनारायण जी हज़ारीबाग इचाक से मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि अपराधियों को संगरक्षण देने वाले राजनितिक पार्टी द्वारा दिया जाता है।ऐसे लोगों की छानबीन करने की आवशयकत है। आपराधिक मामले जो झारखण्ड में बढ़ रहे है उसके लिए दंड होने चाहिए। झारखण्ड के हर नागरिक असुरक्षित महसूस कर रहे है एवं भयभीत हो गए है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि किसी भी राजनैतिक दबाव में ना आएं और हत्या या अपहरण के दोषी को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाये ताकि दूसरे अपराधी अपराध करने से पहले सौ बार सोचे। आज जरुरत है झारखण्ड सरकार को कड़ी रूप अपनाने का और जनता के भय को हटाने का। यह तभी संभव है जब सरकार एवं प्रशासन दोषियों को जनता के बीच सज़ा देकर विश्वास दिलाये कि अब डरने की जरुरत नहीं है।
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