धनबाद से कामेश्वर जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि आज जितिया ब्रत है, जो माँ अपने पुत्र के लंबे आयु के लिए ब्रत रखती है ,भारत की हर माँ अपने बच्चो के लिए ब्रत रखती है,धन्य हो वह पुत्र - पुत्री जिनकी अपनी माँ है। माँ की नजरो में सभी बच्चे सामान होते है पर कुछ पुत्र माँ को घर से बेघर कर देते है,वह माँ की संपत्ति को माँ समझ बैठता है .