जिला धनबाद,प्रखंड बाघमारा,पंचायत छत्रुटांड़ अन्तर्गत मुरलीडीह से बीरबल महतो जी मोबाइल वाणी के माध्यम से सरकार द्वारा कराये जा रहे विस्थापन पर कहते है की सरकार विस्थापन के दौरान लोगो को उनके पुर्वजो की जमीन से हटाकर कही और एक टुकड़ा जमीन दे देती है जो सही नहीं है दूसरी बात यह है की सरकार द्वारा विस्थापन दौरान विस्थपितों से जो वादे करती है की उन्हें उनकी जगह से हटाकर दूसरे जगह पर जमीन या नौकरी दिया जायेगा पर सबको नौकरियां और जमीन नहीं मिलती है देखा जाए तो उनमे से मात्र 10 % ही लोगो को नौकरी मिलती है वो भी जिनकी ऊपरी स्तर तक पहुंच रहती है अन्यथा साधारण व्यक्तियो को तो मिलता ही नहीं है।विस्थापितों का कहना है की विस्थापन में जिनका एक टुकड़ा जमीन गया हो या सौ एकड़ जमीन सबको नौकरी मिलनी चाहिए। मुरलीडीह 20 -21 कोलयरी क्षेत्र में रह रहे लोगो का रहना मुश्किल हो गया है,खदान से काफी आवाज होने की वजह से दीवारों में दरारे पड़ गयी है। मुरलीडीह कोलयरी में देखा गया की जिनकी 2 एकड़ जमींन विस्थापन में चली गयी थी सिर्फ उन्हें ही नौकरी मिली और जिनकी 2 एकड़ से कम जमीन थी और जिनका गुजर बसर उसी से होता था उन्हें नौकरी नहीं मिली और अब वे पलायन कर रहे है।
