गिरिडीह जिले बगोदर थाना क्षेत्र के  बेको पूर्वी पंचायत के सुंदरूटांड निवासी तुलो महतो के 32 वर्षीय पुत्र नारायण  महतो का शव 20 दिनों बाद जार्डन से अपने पैतृक गांव शनिवार को सुन्दरूटांड पहूंचा।शव पहुंचते ही परिजनों की चित्कार पूरे गांव में मातम छा गया।नारयण की शव की एक झलक देखने के लोगों की भीड उमड पडी।शव अंतिम संस्कार सुन्दरूटांड स्थित शमशान घाट किया।जिसका मुखागिन उनके 11 वर्षीय पुत्र मिथलेश कुमार ने दी।इधर सुचना मिलने पर बगोदर पूर्व विधायक नागेन्द्र महतो  बेको पूर्वी मुखिया टेकलाल चौधरी पूर्व जिला परिषद सदस्य जितेन्द्र सिंह जिला परिषद सदस्य गजेन्द्र महतो  समेत कई लोग सुन्दरूटांड पहूंचकर पीड़ित परिजनों को ढाढ़स बंधाये।इस दौरान पूर्व विधायक नागेन्द्र महतो ने कहा पूरे विधानसभा क्षेत्र में लगातर प्रवासी मजदूरों का इस प्रकार का मौत दुःखद है। सरकार रोजगार उपलब्ध करवाने में हर मोर्चे पर बिफल हो रही है। मजबूरन लोगो को पलायन करना पड़ रहा है। जहाँ इस प्रकार की घटनाएं लगातर घट रही है। खास तौर पर बगोदर क्षेत्र में और भी अत्यधिक मजदूरों का पलायन होती रही है। बताते चलें कि बिते  13 सितम्बर को नारायण महतो की जार्डन में काम के दौरान करंट लगने से मौत हो गयी थी।नारायण महतो में केईसी ट्रांसमिशन कंपनी में कार्यरत था।नारायण महतो अपने पीछे पत्नी हेमंती देवी,पुत्र मिथलेश महतो11वर्ष पुत्री  मधु कुमारी 8 वर्ष माता पिता समेत भरा पुरा छोडकर चला गया ।