प्रखंड बाघमारा, जिला धनबाद ,झारखण्ड से बीरबल महतो जी मोबाइल वाणी माध्यम से पंचायतों में प्राथमिक शिक्षा की स्थिति पर कहते हैं कि हर बच्चे के लिए प्राथमिक शिक्षा का एक अलग ही महत्व होता है।लेकिन वर्तमान में राज्य में संचालित सरकारी विद्यालयों में प्राथमिक शिक्षा की स्थिति काफी कमजोर है।सरकारी विद्यालयों में स्थिति यह है कि सातवीं - आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थी भी सही से हिंदी की किताब नहीं पढ़ पाते हैं। और न ही उन्हें गिनती,पहाड़ा ठीक से नहीं आती है। प्राथमिक शिक्षा मजबूत न होने के कारण ही वर्तमान में शिक्षा का स्तर काफी गिर गया है, जिसका सीधा असर मैट्रिक इंटर का रिजल्ट पर पड़ रहा है। वे कहते हैं कि राज्य में इस तरह गिरता शिक्षा का स्तर को गंभीरता से लेने की जरुरत है एवं सरकार को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है। साथ ही राज्य में शिक्षा का स्तर में सुधार हो सके इसके लिए जरुरी हैं कि सरकार एवं शिक्षा विभाग इस पर ध्यान दे एवं शिक्षकों की नियुक्ति करे । इसके अलावे पंचायत स्तर पर सभी जनप्रतिनिधियों का यह दायित्व बनता है कि वे अपने-अपने पंचायत में शिक्षा के स्तर में सुधार लाने में सहयोग करें ।
