प्रखंड बाघमारा, जिला धनबाद से मदन लाल चौहान जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि बाघमारा प्रखंड अन्तर्गत कई आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे हैं जहाँ पर लगभग पिछले 3 महीनों से बच्चों पोषाहार नही दिया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक इन आंगनबाड़ी केंद्रों पर खिचड़ी या सत्तू की कमी होने पर बच्चों को बिस्कुट खिलाकर रखा जाता है। इस तरह से आंगनबाड़ी केंद्रों पर पौष्टिक आहार न मिलने के वजह से बच्चों का रोगरोधक क्षमता एवं उनकी स्वास्थ्य गिरते जा रहा है।वे कहते हैं कि देश भर में आंगनबाड़ी केंद्रों को संचालित करने के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य है गरीब बच्चों को पौष्टिक आहार के साथ-साथ शिक्षा मुहैया कराना।साथ ही देश में कुपोषण की संख्या में कमी लाने और गर्भवती महिलाओं के गर्भ में पलने वाला बच्चा स्वस्थ्य हो इसके लिए गर्भवती महिलाओं को टिकाकारण के साथ उन्हें भी पोषाहार दिए जाने का प्रावधान है,लेकिन आंगनबाड़ी केंद्रों में न तो बच्चों की उपस्थिति रहती है और न ही उन्हें सही से पोषाहार दिया जाता है । इतना ही नही पर्यवेक्षिका भी आंगनबाड़ी केंद्रों में मात्र खाना पूर्ति ही करते नज़र आती है। अतः वे कहते हैं कि उच्च अधिकारियों को जिले भर में अवस्थित आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करने की आवश्यकता है।
