झारखण्ड राज्य के लोहरदगा जिला से मोबाइल वाणी के माध्यम से सकुंतला देवी कहती है कि झारखण्ड में किसान काफी कठिन परिश्रम कर सब्जी का उत्पादन करतें है।लेकिन उन्हें उत्पादित किया हुआ सब्जी का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है।जब किसानो को उत्पादित किया हुआ सब्जी का लागत मूल्य नहीं मिल पाता है, तो उन्हें जीवन यापन करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। वे घाटे में चले जाते है और कर्ज के कारण कई किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो जाते है। सबसे बड़ा कारण है कि यहाँ पर सब्जी को बेचने के लिए सरकारी मंडी का अभाव है,जिससे किसानों को सब्जी का सही मूल्य नहीं मिलता है।अतःसरकार को किसान की इन समस्या की ओर ध्यान देते हुए सब्जी मंडी की व्यवस्था करना चाहिए।साथ ही सही मूल्य का निर्धारण करना चाहिए ताकि किसान को इन मुश्किलों का सामना न करना पड़े।