सीसीएल प्रबंधन हमेशा से रैयतों को ठगने का काम कर रही है फल स्वरूप 40 50 वर्षों के बाद विस्थापन का समस्या ज्यों का त्यों मुंह बाए ंं खड़ी है जो भी पदाधिकारी आते हैं मीठी मीठी बातों से विस्थापितों को बरगला कर कुछ विस्थापित नेताओं को दलाल बना कर अपना काम निकाल जाते हैं विस्थापितों की समस्या 40 50 बरसों से यूं ही लंबित पड़ी हुई है कोई भी पदाधिकारी समुचित ढंग से विस्थापन समस्या का समाधान नहीं करना चाहता बस चिकनी चुपड़ी बातों से अपना काम निकालना जानते हैं