होली के उपरान्त चैत्र मास के आरम्भ होने के साथ ही सम्पूर्ण झारखंड में सरहुल पूजा की शुरुआत हो जाती है सरहुल पूजा में नये फल फूल का प्रसाद ग्राम देवता को समर्पित किया जाता है यह पर्व सामान्यतः आदिवासी गैर आदिवासी परंपरा गत तरीके से मनाते हैं यह पर्व विशुद्ध रूप से प्रकृति की पूजा है और यह झारखंड राज्य का महत्वपूर्ण पर्व है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
