झारखण्ड राज्य के बोकारो जिला के गरी पंचायत के सेवानिवृत शिक्षक दुर्गा प्रसाद प्रजापति जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि झारखण्ड में शिक्षा की हालत बहुत ख़राब है खासकर उच्च शिक्षा की हालत निम्नस्तरीय है। इसके मुख्य कारण है कि कॉलेजों में अच्छे शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हुए है। अच्छे प्रोफ़सरों और लेक्चरर की नियुक्ति नहीं हो पाती है।इसी तरह उच्च विद्यालय में भी काफी सारे पद खाली पड़े है।खासकर के प्रधानाध्यापक के 90 प्रतिशत पद खाली है।इस वजह से अनुशासन में कमी आ रही है। शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है। विद्यार्थी पहले जैसे नहीं है वे शिक्षकों की बात नहीं मानते है पढाई में उनकी रूचि नहीं दिखती है। आजकल मोबाइल का युग है पढाई छोड़कर बच्चे मोबाइल और इधर-उधर की बाते करते है। उच्च शिक्षा में राजनीति का प्रवेश हो गया है। उच्च शिक्षा की निम्न स्तरीय होने का एक और कारण की कॉलेजों में विद्यार्थी राजनीति करने लगे है । शिक्षा और विद्यार्थियों की इस हालत का ज़िम्मेदार उनके अभिभावक है उनको अपने बच्चों पर ध्यान देने की जरुरत है।इसमें सिर्फ सरकार का दोष नहीं है यह सिर्फ सरकार की बस की बता नहीं है इसमें सरकार के साथ साथ विद्यार्थी और शिक्षकों और अभिभावकों का भी योगदान जरुरी है।उच्च शिक्षा में सुधार के लिए शिक्षकों के रिक्त पदों को भरना होगा ,कॉलेज को राजनीति से दूर रखना होगा। शिक्षा में जिन कारणों से गिरवाट आ रही है उन सभी कारणों पर ध्यान देकर उन्हें दूर करना होगा।जैसे की प्रखंड स्तर पर कॉलेजों और उच्च विद्यालय और स्थापित होने चाहिए। क्योंकि इसकी कमी के कारण लड़किया आगे उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाती है। साथ ही सभी तरह के संस्थानों में एक तरह की शिक्षा होनी चाहिए।इतना ही नहीं शिक्षकों को सिर्फ पढ़ाई का कार्य दिया जाना चाहिए उन्हें दूसरे कार्यो से दूर रखा जाना चाहिए, साथ ही बच्चो को ससमय किताबे उपलब्ध होनी चाहिए । तभी हमारे राज्य में शिक्षा का क्षेत्र आगे बढ़ेगा।
