शिवनारायण महतो,जिला बोकारो के जरीडीह प्रखंड से मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि पत्रकारों की सुरक्षा के बिना देश का समुचित विकास संभव नहीं है।सरकार द्वारा कृषि विकास,ग्रामीण व शहरी विकास,खाद्य सुरक्षा,पेंशन व आवास योजना जैसे अनेको प्रकार के विकास योजनाए संचालित की जा रही है लेकिन इसमें ध्यान देने वाली यह बात है कि सभी योजनाओ में बिचौलिए हावी है।इसमें सक्षम वर्ग के लोग रूपये के बल पर हर तरह के लाभ उठा लेते है और वही गरीबो की स्थिति दिन-प्रतिदिन बत्तर होती जा रही है।हमारा देश महान कहने वालो के लिए बहुत बुरी बात है कि सरकारी और गैरसरकारी भरस्ट आचरण के लोग अवैध कारोबार के जरिये राष्ट्रीय सम्पति को दोहन करने में व्यस्त है।पत्रकार ही होते है जो अवैध धंधेबाजो के काले करतूतों का पर्दाफास करते है।और यही वजह है कि अवैध धंधेबाजो के द्वारा पत्रकारों पर हमला एवं हत्या तक कर दी जाती है।फिर चाहे मोबाइल मीडिया,प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार हो,ये हर वक्त भरस्ट नेताओ,गुंडा व माफियाओ के बीच जान हथेली पर लिए पहुँचते है.देश में अनेको पत्रकारों पर हमले हुए जिनमे सन 1992 से अबतक मात्र 25 वर्षो के दरमियान 37 पत्रकारों की हत्या कर दी गई।परन्तु सरकार की ओर से पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कोई गारंटी नहीं है।अतः सरकार को पत्रकार सुरक्षा गारंटी अधिनियम बनाकर पत्रकारों की हत्या को भी शहीद का दर्जा देने की जरुरत है।क्योकि सैनिको के बाद दूसरा स्थान पत्रकारिता का होता है।
