बिहार राज्य के समस्तीपुर जिला के विद्यापतिनगर प्रखंड से मोबाइल वाणी संवाददाता रतन शंकर बता रहे हैं कि विद्यापतिनगर प्रखंड में पानी की चाह में आकाश को निहारते की की ललचाई नजरें अब पथराने लगी है। वजह नहर व नदी को सुख जाने के कारण तो कहीं कहीं नहर व नदी के पेट में पानी का सिमट कर रह जाना जिसके चलते किसानों के खेती का कार्य बूरी तरह से चौपट होता दिखाई देने लगा है। वहीं यहां बता दें कि नहर से सटे खेतों के किसान मजबूरी में महंगाई का दंस झेल महंगे डीजल का प्रयोग करते हुए अपने व्यक्तिगत पंपिंग सेट द्वारा बोरिंग से से पानी निकाल कर खेतों में लेव लगाकर धान की रोपाई का कार्य करते देखे गए। गौरतलब हो कि कहीं कहीं पानी के अभाव में रोपी गई धान की पूंजी झूलसने लगी है।जिसे देख किसानों की चिंताएं व मुश्किलें बढ़ गई है। जिससे किसानों की आर्थिक समस्या भी जटील हो गई है। खेतो में कार्य कर रहे किसानों ने बताया कि खेती इस बार सही से नहीं हुई तो साहुकार के कर्ज तले दब जाएंगे और मजबूरन आत्मदाह करना पड़ सकता है। जानकारी के अनुसार बताते चलें कि जहां नहर के पानी की सुलभता के कारण किसानों के चेहरे पर मुस्कान दिखाई देती थी। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
