बिहार राज्य के समस्तीपुर जिला के विद्यापति नगर प्रखंड से मोबाइल वाणी संवाददाता रत्न शंकर भारद्वाज ने बताया की विद्यापतिनगर प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवो में हल्दी की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है, जो यहां के किसानों का एकमात्र नकदी फसल है। किंतु इस वर्ष हल्दी के कीमतों में आई भारी गिरावट के कारण यहां के हल्दी किसान अपने किस्मत को कोष रहे हैं। यहां के छोटे-बड़े जो भी किसान हैं एक से पांच एकड़ तक हल्दी की खेती कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करते हैं। किंतु इस वर्ष हल्दी की कीमत 300 रुपये से 350 रुपये प्रति क्विंटल हो जाने के कारण किसान अपने खेत से हल्दी उखाड़ने में भी अपने आपको असमर्थ महसूस करने लगे हैं। पिछले वर्ष व्यापारियों द्वारा खेत में लगी एक एकड़ हल्दी से दो ढ़ाई लाख रुपये में बेचा गया था तथा बड़े धूमधाम से अपने बेटियों के हाथ पीले किए थे। किंतु इस वर्ष हल्दी की खेती तो अच्छी ही है किंतु बाजार भाव इतना गिरा हुआ है कि यहां के किसानों को खेत से हल्दी उखाड़ने तक की मजदूरी का पैसा भी नहीं हो पा रहा है। जैसे-तैसे यहां के हल्दी किसान अगर खेत से उखाड़ भी ले रहे हैं तो उसे खेत या खलिहान में ही जमा कर सुबह शाम उसे देखकर आंखें नम कर लेते हैं।इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
