विद्यापतिनगर। प्रखंड क्षेत्र के सन्यासी टोल में गुरुवार को पटनदेवी महंत सह धार्मिक न्यायस बोर्ड के सदस्य महंत विजय शंकर गिरि एवं कामाख्या के महंत रमेशानंद जी महाराज ने श्री श्री 1008 महारुद्र यज्ञ का फीता काटकर उद्घाटन किया। इसी के साथ 11 दिवसीय महारुद्र यज्ञ का धूमधाम से शुभारंभ हो गया। उद्घाटन के पूर्व यज्ञशाला में बाहर से आये पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ अग्नि की आहुति देकर यज्ञ शुरू कराया। इसके पूर्व उद्घाटन में आये अतिथियों को यज्ञ समिति के संयोजक सतीश कुमार गिरि के द्वारा पुष्प माला, बुके व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। उद्घाटन के दौरान महंत विजय शंकर गिरि ने कहा कि धर्म के बिना मनुष्य का जीवन पशु के समान है। धर्म से ही मानव जाति का मानसिक विकास होता है। यज्ञ से पाप का विनाश होता है। साथ ही शिक्षा व संस्कार का विकास होता है। वहीं कामाख्या के महंत रमेशानंद जी महाराज ने कहा कि यज्ञ हमारे संस्कृति के संवाहक है। इस तरह के आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी भाईचारा भी बढ़ता है। उन्होंने समाज की सुख- समृद्धि की कामना करते हुए आयोजकों को धन्यवाद दिया। ग्यारह दिवसीय महारुद्र यज्ञ में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए यज्ञ कमेटी बनायी गयी है। श्रद्धालुओं एवं बच्चों के मनोरंजन के लिए मारुति सर्कस, तारा माची, मीना बाजार, नाव झूला, मौतकुंआ एवं अन्य झूले लगाए गए है। वहीं यज्ञ को लेकर आसपास के इलाको में भक्ति का माहौल है। इस मौके पर अध्यक्ष नवल किशोर गिरी, सचिव संजय कुमार ठाकुर, अशोक गिरि, मनोज गिरि, कैलाश पासवान, मनोरंजन कुमार, पंचानंद गिरि, प्रवीण कुमार गिरि, बबन गिरि, शुभम कुमार गिरि, राकेश गिरि, प्रमोद गिरि सहित कई लोग मौजूद थे।