विद्यापतिनगर विश्व मृदा दिवस के मौके पर सोमवार को प्रखंड कृषि कार्यालय स्थित पंचायत समिति भवन में मृदा स्वास्थ्य कार्ड आधारित प्रत्यक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड कृषि पदाधिकारी श्रवण कुमार ने की, वही संचालन अभिनाश भारद्वाज ने किया। इस मौके पर जिन किसानों की मिट्टी जांच की गई थी उन्हें मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किया गया। किसानों को मिट्टी के जांच से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। बीएओ ने कहा कि मिट्टी के जांच से ही पता चलता है कि किस मिट्टी में किस उर्वरक तथा सूक्ष्म पोषक तत्व की कमी है एवं इसका उपचार क्या है। मिट्टी जांच से उर्वरा शक्ति का सही आकलन किया जाता है। किसान भाई वर्षों के अनुभवों के बावजूद भी अपनी खेत की उर्वरा शक्ति का सही आकलन नहीं कर पाते हैं। धीरे धीरे पोषक तत्व की कमी मिट्टी में होने लगती है। इसका लक्षण धीरे-धीरे पौधों में देर से दिखाई देता है। इसका उत्पादन पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। ऐसा भी हो सकता है कि किसी पोषक तत्व के पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने के बावजूद भी निरंतर सामान्य मात्रा में पोषक तत्व को मिट्टी में डाल देते हैं। ऐसा करना आर्थिक तथा मिट्टी के स्वास्थ्य दोनों ही दृष्टिकोण से हानिकारक है। मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखना आवश्यक है। जिससे आने वाली पीढ़ी को भोजन प्राप्त हो सके। स्वस्थ मिट्टी से ही स्वस्थ अन्न प्राप्त होता है। मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए मिट्टी की जांच के आधार पर मिट्टी का पोषण प्रबंधन आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखकर हर वर्ष 5 दिसंबर को विश्व मृदा दिवस मनाया जाता है। किसान खेतों में रासायनिक खाद का कम उपयोग करें। इसके जगह पर जैविक खाद का उपयोग अधिक लाभकारी होगा। इस मौके पर बीएचओ राकेश कुमार, एटीएम मधुकर श्लोक, कृषि समन्वयक प्रभात कुमार, अमर महतो, किसान सलाहकार अशोक कुमार, उषा देवी, महेश कुमार, अमरनाथ महतो, शंकर कुमार, रंधीर कुमार, सुरेश प्रसाद राय सहित काफी संख्या में किसान उपस्थित रहे।