विद्यापतिनगर में गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण दियारा क्षेत्र में लगे मक्का सहित मवेशियों के लिए लगाए गए चारा के खेतों में बाढ़ पानी का प्रवेश करने से, जिससे किसानों सहित मवेशी पालको में बेचैनी बढ़ गई है। वही पशुपालक अपने पशु को लेकर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। साथ ही किसान आर्थिक नुकसान को लेकर चितित होने लगे हैं ।सुखाड़ के कारण धान की खेती काफी कम हुई है। किसानों में अब मकई की फसल डुबोने के कारण बेचैनी बढ़ने लगी है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से पिछले आठ दिनों से मवेशी पालक अपने अपने मवेशी को लेकर सड़क के किनारे या ऊंचे स्थल की ओर रहने को मजबूर हैं। जहां पर की मवेशियों के लिए चारा व भूसा मिल पाना भी काफी मुश्किल हो रहा हैं। कुछ दिन पूर्व जब गंगा का जलस्तर काफी घट गया था तो किसानों ने राहत की सांस ली थी कि सुखाड़ से फसल तो बर्बाद हो ही गया है कम से कम मवेशी को अच्छी तरह से पालकर आर्थिक उपार्जन करते हुए परिवार का भरण पोषण करेंगे। बताया कि खेतों में पानी प्रवेश करने पर मकई की फसल नहीं हो पाएगी व पशुओं को हरा चारा मिलने पर परेशानी होगी।
