प्रखंड में स्थित कोल्ड स्टोरेज में इन दिनों मनमानियां का दौर शुरू हो गया है।जिससे परेशान व्यापारियों ने कोल्ड स्टोरेज संचालकों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आलू की निकासी पर रोक लगाते हुए अवैध वसूली तत्काल बंद करने की मांग की है। पिछले 2 दिनों से खासकर मशीना कोल्ड स्टोरेज से संबद्ध किसानों द्वारा लगातार कई प्रकार की अनियमितता के आरोप लगा रहे हैं। जिसमें कोल्ड स्टोरेज द्वारा जिले के अन्य कोल्ड स्टोरेज से रखरखाव अधिक गुणवत्ता हीन बताया है। आरोप के अनुसार जहां ताजपुर कोल्ड स्टोरेज में मात्र दो सौ पचास लिया जा रहा है।वहीं मुक्तापुर के कोल्ड स्टोरेज में दो सौ सत्तर रूपए प्रति क्विंटल के हिसाब से वसूली की जा रही है ।वही मसीना कोल्ड स्टोरेज पर कुछ किसान सह व्यापारी ने रखरखाव की व्यवस्था उचित नहीं होने के कारण आलू की बोरी खराब हो गया है वहीं कुछ अलग ही तरह से आलू खराब हो गया हैं। इस संबंध में व्यापारी सह किसान वारिसनगर नगर प्रखंड के गोही गांव निवासी राम आजाद राय, खानपुर गांव निवासी प्रमोद शाह, मुक्तापुर के मुरारी सदा, परतापुर प्रमोद महतो, मुक्तापुर शंकर महतो सहित अन्य लोगों ने बताया कि निकालने के क्रम में आलू को नए बैग में भरने के लिए पचास रुपये प्रति बैग के हिसाब से वसूली की बात कही गई है। जिसको लेकर किसान के साथ साथ आलू के व्यापार से जुड़े व्यापारियों ने इन कोल्ड स्टोरेज में रखे आलू की निकासी पर रोक लगा दी है । गतिरोध उत्पन्न होने पर कोल्ड स्टोरेज संचालक के प्रतिनियुक्त कर रहे सीताराम झा ने बताया कि व्यापारी गण के द्वारा झारखंड राज्य के व्यापारियों के द्वारा बीज के लिए बेचने के लिए छोटी झरीइ आलू कोल्ड स्टोरेज से ही खरीद कर बेचने के लिए ली जाती है। जिसकी दोबारा रखरखाव को लेकर बोड़ा के साथ ₹75 की मांग की गई है।तत्काल गतिरोध समाप्त करने हेतु दबाव बनाया जा रहा है ।इस बात को लेकर किसान व व्यापारियों ने कोल्ड स्टोरेज संचालक के साथ-साथ अधिकारी जानकारी दी है। जिला उद्यान सहायक निदेशक प्रकाश कुमार ने बताया कि किसान सह व्यापारी के द्वारा आवेदन देने पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। वैसे यह मामला हमारे संज्ञान में नहीं है।अधिकारियों ने भी आवेदन देकर किसानों सह व्यापारिय राम आजाद राय ने बताया कि छरी आलू रखने का संचालक द्वारा अवैध रूप से एक सौ रुपए प्रत्येक वोडा की मांग की जाती है । इस बाबत मशीना कोल्ड स्टोरेज के संचालक का प्रतिनिधित्व कर रहे सीताराम झा ने बताया कि ₹75 बोरी की मांग की गई है। हालांकि व्यापारियों का बताना है कि यह वसूली अवैध रूप से संचालकों के द्वारा की जा रही है। जिसको लेकर जिला के आला अधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराई गई है।
