विद्यापतिनगर। सूबे की सरकार जहां ग्रामीण इलाकों मे स्वास्थ्य संबंधी सुविधा पहुंचाने का दावा भी कर रही है। जिसके तहत पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य उपकेंद्र भी खोले गए हैं। जिससे सुदूर गांव मे रहने वाले ग्रामीण परिवार को इलाज के लिए कहीं बाहर न जाना पड़े, लेकिन प्रखंड के मऊ धनेशपुर उत्तर पंचायत के वार्ड 11 में बना स्वास्थ्य उपकेन्द्र पिछले 10 वर्षों से बंद व बदहाल स्थिति में पड़ा हुआ है। जिसकी सुधि आज तक न तो प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी ने ली है और न ही जिले के वरीय चिकित्सा पदाधिकारी सहित किसी अन्य पदाधिकारियों ने ही ली है। बंद पड़ा स्वास्थ्य उपकेन्द्र वर्तमान समय में ग्रामीणों के निजी सामान रखने के उपयोग में कर रहे हैं। ग्रामीण बताते हैं कि आज तक हम ग्रामीणों ने कभी भी इस स्वास्थ्य केन्द्र का ताला खुलते नहीं देखा है, जबकि यह टोला पिछडा, और गरीब तबके के लोगों का है। ग्रामीणों ने बताया कि यह स्वास्थ्य उपकेंद्र लगातार बंद रहने के कारण यहां की गर्भवती महिलाएं एवं बीमारी से ग्रसित बच्चे व ग्रामीण झोलाछाप डाक्टरों के चंगुल में फंस अपना इलाज भगवान भरोसे कराते हैं। उन्होंने बताया की कभी कभी एएनएम अति हैं सुई देकर चली जाती हैं। आज तक यहाँ किसी तरह का कोई स्वास्थ्य पखवारा आयोजन नहीं किया गया है।