बिहार में कुछ वर्षों पूर्व तक मालभोग केले की अपने स्वाद और सुगंध के कारण अलग पहचान थी. लेकिन अब इस प्रजाति का केला राज्य के कुछ इलाकों में ही देखने को मिलता है. हालांकि बिहार के कृषि वैज्ञानिकों ने एक बार फिर से इस केले की उत्पादकता बढ़ाने का बीड़ा उठाया है. बताया जाता है कि इस प्रजाति के केले को कुछ हद तक बीमारियों ने बर्बाद किया तो कुछ भौगोलिक कारण भी रहा है. विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।