बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश ने विद्यापति नगर के मऊ में सामूहिक आत्महत्या की घटना पर दुख जताते हुए अधिकारियों को पूरी जानकारी जुटाने का निर्देश दिया. सोमवार को पटना में मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित जनता दरबार कार्यक्रम में कुल 169 फरियादी पहुंचे थे. इनमें से ज्यादातर लोग जमीनी विवाद की समस्या को लेकर आए थे. जनता दरबार कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में जनसंख्या नियंत्रण कानून पर विरोध जताया. सीएम ने कहा कि ये अफ़सोस की बात है। समाचार आते ही मैंने व्यक्तिगत रूप से पूछताछ की। इस मामले को पूरा प्रशासन देख रहा है। वे इस बात का आकलन कर रहे हैं कि एक ही परिवार के पांच लोगों ने आत्महत्या क्यों की?जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने और उसे संसद में लाने का सवाल पूछने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यह लोगों का अपना अपना व्यू (नजरिया) हो सकता है. जनसंख्या नियंत्रण पर बिहार में लगातार काम किया जा रहा है. प्रजनन दर तीन पर पहुंच गया है, इसको दो पर लाने का लक्ष्य है. सिर्फ कानून बना देने से जनसंख्या नियंत्रण नहीं होगा. चीन ने भी कानून बनाया था, लेकिन इसका क्या हश्र हुआ. सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि मैंने चीन जाकर वहां का हाल देखा है. चीन में लंबे समय तक एक से दो बच्चों का प्रावधान किया गया था. कहीं-कहीं यह तीन है. कानून बनाने से कोई फायदा नहीं होगा. हमारा मानना है कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए हमें लोगों को सहमत करना होगा, जागरूक करना होगा. बिहार गरीब राज्य है, यहां हम लोगों ने जनसंख्या दर 4.3 से घटा कर तीन कर दिया है.
