पटना के गायघाट स्थित महिला रिमांड होम में एक युवती के साथ हुए कस्टोडियल रेप के उजागर होने बाद पटना हाईकोर्ट के द्वारा स्वत: संज्ञान लिए जाने की प्रशंसा करते हुए पद्मश्री सुधा वर्गीज, जानी- मानी सामाजिक-राजनीतिक नेत्री कंचन बाला और सामाजिक कार्यकर्ता तबस्सुम अली , विन्दु कुमारी और प्रतिमा कुमारी ने एक संयुक्त बयान जारी कर पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से मांग की है कि किसी सिटिंग महिला जज के नेतृत्व में महिलाओं की जांच टीम गठित करें जो महिला रिमांड होम की प्रत्येक युवती से अकेले बात कर रिपोर्ट सुपुर्द करे।लोकतांत्रिक जन पहल द्वारा जारी संयुक्त बयान में उन्होंने यह भी मांग की है कि गायघाट महिला रिमांड होम की प्रभारी वन्दना गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया जाय ताकि निष्पक्ष जांच हो सके।उल्लेखनीय है कि लोकतांत्रिक जन पहल की एक टीम जिसमें सुधा वर्गीज , कंचन बाला, तबस्सुम अली और बिन्दु कुमारी शामिल थी कल पीड़िता से मिलकर लगभग एक घंटा बात की। पीड़िता गाजीपुर (यूपी) की रहने वाली है। उसने अपनी पूरी आपबीती बताते हुए कहा कि कैसे वह गायघाट महिला रिमांड होम में पहुंची।इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।