शहर और आसपास में वसंत की आहट दिखने लगी है। प्रकृति के बीच आम-लीची व सहजन में मंजर व फूल निकलने को आतूर दिख रहे हैं। सरसों के पीले-पीले फूल, पेड़-पौधे में नई कोपलें दिखने लगी है। पांच फरवरी शनिवार को होने वाली विद्या दायनी मां सरस्वती की पूजा को लेकर विद्यापति नगर वासियों में उत्साह तो दिख रहा है, लेकिन कोरोना के कारण सरकार की गाइडलाइन इस उत्सव के रंग को फीका कर रही है। स्कूलों व कोचिंग संस्‍थान केे प्रबंधनों ने सरस्वती पूजा करने की तैयारी की है। गली,घर, मुहल्ले में मां सरस्वती पूजा की तैयारी में छात्र-छात्राएं जुट गए हैं। अधिकतर जगहों पर घरों में बगैर तामझाम के मां शारदे की पूजा की जाएगी। बाजार में सजावटी सामान, पूजन सामग्री, फल की खरीदारी के लिए छात्र-छात्राओं की भीड़ दिख रही है। वहीं फूल दुकानों पर फूल मिठाई दुकानों पर आर्डर मिलने लगे हैं। खुदनेश्वर धाम के पंडित अमित झा कहते हैं कि माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को वसंत पंचमी यानी सरस्वती पूजा है। सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त पांच फरवरी की सुबह 6:43 बजे से दूसरे दिन सुबह 6 : 43 मिनट तक है। उन्होंने कहा कि पूजा के लिए शुभ मुहूर्त दिन के 12: 35 तक सबसे उत्तम है। इस दिन मां सरस्वती की आराधना से बुद्धि, विद्या की प्राप्ति होती है। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।