राज्य में चोरी छुपे शराब पीने वाले,बेचने वाले लोगों की पहचान कर मद्य निषेध विभाग को शिक्षकों द्वारा सूचना देने संबंधी राज्य के शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री संजय कुमार के आदेश पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे तुगलकी फरमान बताया है।राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला अध्यक्ष डॉ मिथिलेश कुमार ने बयान जारी कर इस संबंध में कहा कि शिक्षा विभाग का यह आदेश पूरी तरह तुगलकी फरमान है।उन्होंने कहा कि शराबबंदी के मामले में जहां बिहार की पुलिसिंग पूरी तरह फेल है।आबकारी विभाग नाकाम रहा है।सभी रोक के बावजूद ट्रकों से शराब राज्य में आ रहा है।ऐसे में शिक्षकों को इस कार्य में लगाना सीधे-सीधे उनकी जान को जोखिम में डालने के समान है।उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के इस आदेश से राज्य भर के लाखों शिक्षक भयभीत हैं।क्योंकि जो शराब माफिया पुलिस से नही डरता क्या वह शिक्षकों से डरेगा?शिक्षक भयभीत हैं कि कब वह किसी शराब माफिया की गोली का शिकार हो जाएंगे।उन्होंने कहा कि पत्र को वापस लेने तक राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का विरोध जारी रहेगा। डॉ मिथिलेश कुमार ने कहा कि राज्य भर के शिक्षक और राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राज्य सरकार के शराबबंदी के नीति के साथ हैं।शिक्षक समाज में उत्प्रेरक का काम कर सकते हैं।लेकिन जिस प्रकार से यह आदेश दिया गया है उससे यह स्पष्ट है कि सरकार की मंशा विद्यालयों की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त करने की है।कहा कि यदि शिक्षक भयभीत रहेगा तो वह विद्यालय का संचालन कैसे करेगा। डॉ मिथिलेश कुमार ने मांग किया कि इस मामले में मुख्यमंत्री स्वयं हस्तक्षेप करें और इस पत्र को वापस ले। भवदीय डॉ मिथिलेश कुमार, जिला अध्यक्ष, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, समस्तीपुर।
