गणतंत्र दिवस के अवसर पर आरआरबी-एनटीपीसी के रिवाइज्ड परिणाम जारी करने एवं ग्रुप डी के नए सिलेबस को वापस लेने को लेकर तिरंगा यात्रा निकाला गया। छात्र- युवाओं ने 125 फिट का तिरंगा झंडा अपने- अपने हाथों में लेकर शहर के पटेल मैदान के समीप स्थित गोलंबर से तिरंगा मार्च निकाला। मार्च समाहरणालय, बस स्टैंड, ओवरब्रिज होते हुए बाजार भ्रमण के बाद पुनः पटेल गोलंबर पर पहुंच कर मार्च सभा में तब्दील हुई। अध्यक्षता आइसा जिला अध्यक्ष लोकेश राज ने की। संचालन संजीव कुमार ने किया। आइसा नेताओं ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि छात्र-युवा अधिकारों तथा गणतंत्र की रक्षा करते हुए आंदोलनरत छात्र-युवा अपने आक्रोश को मोदी-नीतीश सरकार के खिलाफ मोड़ दें तथा चरणबद्ध आंदोलन खड़ा करते हुए रेलवे बेचने व नौकरियां खत्म करने पर आमदा मोदी सरकार को पीछे हटने पर मजबूर कर दें। प्रत्येक साल दो करोड़ रोजगार देने का वादा करने वाली मोदी सरकार और 19 लाख रोजगार देने का वादा करने वाली नीतीश सरकार छात्र-युवाओं के प्रति संवेदनहीन बनी हुई हैं। रोजगार के नए सृजन की बजाए उसमें लगातार हो रही कटौती ने आज छात्र-युवाओं की जिंदगी व भविष्य को पूरी तरह से अधर में लटका दिया है। आइसा जिला सचिव सुनील कुमार ने कहा कि छात्रों के आंदोलन के दबाव में रेलवे बोर्ड ने जल्दबाजी में एनटीपीसी के परिणाम एवं ग्रुप डी के सीबीटी-1 परीक्षा को तत्काल स्थगित करने एवं जांच कमेटी बनाने का आश्वासन छात्रों को दिया है जो छात्र हित में सकारात्मक कदम नहीं है। आइसा मांग करती है कि एनटीपीसी के पुनः रिवाईज्ड रिजल्ट जारी करते हुए ग्रुप डी का नया सिलेबस को रद कर पुराने सिलेबस के अनुसार परीक्षा आयोजित कर नियुक्ति करने की घोषणा करें अन्यथा छात्र अपने हक अधिकार के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे। 28 जनवरी को आइसा-इनौस ने एनटीपीसी में व्यापक धांधली एवं ग्रुप डी में नोटिफिकेशन के खिलाफ बिहार बंद का आयोजन किया जाना है।