भारत, नेपाल, भूटान और बांग्लादेश में पर्यावरण संरक्षण एवम संवर्धन के क्षेत्र में कार्य कर रहे पर्यावरणविदों का *अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण योद्घा सम्मान समारोह* का आयोजन भगवान बुद्ध की जन्म स्थली लुम्बिनी, नेपाल में 27-28 नवम्बर को किया गया। कार्यक्रम का आयोजन भारत की स्वयंसेवी संस्था पीपल नीम तुलसी, नेपाल की कमला जलाधार संरक्षण जनकपुर, ग्रीन युथ ऑफ लुम्बिनी नेपाल, बांग्लादेश की हिस्ट्री एंड हेरिटेज टूरिज्म रैशही द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन श्रीमती सुषमा यादव, वित्त व सहकारी विकास मंत्री नेपाल, श्री अबधेश कुमार त्रिपाठी, उपाध्यक्ष लुम्बिनी विकास ट्रस्ट, पशुपतिनाथ कोइराला, सचिव वन पर्यावरण, मनमोहन चौधरी, मेयार लुम्बनी, डॉ धर्मेन्द्र कुमार, संस्थापक पीपल नीम तुलसी, बिक्रम यादव, संस्थापक कमला जलधार संरक्षण अभियान जनकपुर, अर्जुन कुर्मी, अध्यक्ष ग्रीन युथ ऑफ लुम्बिनी नेपाल, मो0 अकरामुल हाफ़िज़, निर्देशक हिस्ट्री & हेरीटेज टूरिज्म रैशही बांग्लादेश द्वारा संयुक्त रूप से बृक्षारोपण व दोनों देशों के राष्ट्रगान द्वारा किया गया।इस कार्यक्रम में नेपाल, बांग्लादेश, भूटान के साथ साथ भारत से 47 लोगों को पर्यावरण योद्धा सम्मान से सम्मानित किया गया। नालन्दा जिले के चोरसुआ ग्राम निवासी रोहित कुमार को सामाजिक व पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करने के लिए *अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण योद्धा सम्मान* से सम्मानित किया गया। रोहित 2010 में नेहरू युवा केंद्र नालन्दा से जुड़कर युवा/महिला क्लब निर्माण, नशामुक्ति, स्वच्छता, बालश्रम, बाल बिबाह, पर्यावरण संरक्षण पर जन जागरूकता, 2019 में गांधीवादी विचारक डॉ एस0 एन0 सुब्बाराव से जुड़कर राष्ट्रीय एकता, सर्व धर्म सद्भावना, भाषाई जागरूकता पर कार्य कर चुके हैं। कोरोना काल मे इन्होंने गाँव के बुद्धिजीवियों के सहयोग से लाचार व असहाय लोगों के बीच मास्क व खाद्यान्न का निःशुल्क वितरण कर ऑक्सीजन की कमी व स्वच्छ पर्यावरण के लिए लोगों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने को प्रेरित किया। बक्सवाहा जंगल बचाओ अभियान में पूरे देश के पर्यावरणविदों से जुड़कर इन्होंने पूरे देश में एक अभियान चलाया जिसके फलस्वरूप सरकार बैकफुट पर आ गयी और राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने कटाई पर रोक लगा दिया। सम्मान मिलने पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि गाँव, जिला, राज्य, देश की सीमा हो सकती है परंतु पर्यावरण की कोई सीमा नही होती है। विश्व के किसी भी कोने में होनेवाले प्राकृति से छेड़छाड़ का असर सभी लोगों पर पड़ेगा, इसलिए यदि कोई प्रकृति से छेड़छाड़ करता है तो उसे रोकें और यदि आप उसे रोक नही सकते हैं तो टोकें जरूर। जिस तरह से आज हर व्यक्ति सुंदर दिखने के लिए श्रृंगार करता है उसी प्रकार से हमारी धरती माँ भी आज श्रृंगार के बिना उजड़ी उजड़ी लग रही है। आज हमलोग वृक्ष लगाकर धरती का श्रृंगार कर इसे हरा भरा बनाएं। आज एक वृक्ष को यदि आप गोद लेकर उसका पालन पोषण एक पिता की तरह करें तो आने वाले समय मे भले आपका जैविक पुत्र आपको लाचार छोड़ दे परंतु यह वृक्ष आपको फल के साथ साथ रोजगार, तथा लोगो को छाया देकर आपके कृति में वृद्धि अवश्य करेगा। इन्होंने मुख्य अतिथि वित्त मंत्री श्रीमती सुषमा यादव जी को एक बटवृक्ष भेंट कर पालन पोषण का वचन लिया। सम्मान मिलने पर डॉ आशुतोष कुमार, मुखिया चन्दन कुमार, सरपंच राकेश कुमार पत्रकार अमर वर्मा, विनय कुमार सहित अनेक लोगों ने शुभकामनाएँ दी है।