सरकारी तंत्र इतना सड़ गया है कि मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी का आदेश भी हो रहा है बेअसर. छठ पर्व को लेकर तालाब, पोखर, शहर से कुड़ा उठाव, सफाई का निर्देश मिला था. इस आलोक में अधिकारियों एवं सर्वदलीय बैठक की गई. लोगों से राय लेकर इसे लागू करने का आदेश भी अधिकारियों को दिया गया. अखवार में खबरें भी छपी. आवंटन भी मिला लेकिन धरातल पर कार्य शून्य.प्रखण्ड क्षेत्रों के तालाब, पोखरे की सफाई, छिड़काव आदि तो छोड़िये, मुख्यालय में कुड़े का अंबार लोगों का मुंह चिढ़ा रही है. शहर के गायत्री कंप्लेक्स समेत अन्य कई जगहों पर कुड़े का अंबार लगा है. कुड़े से निकल रहे बदबू से राहगीर नाक- मुंह ढ़ककर गुजरने को मजबूर हैं. और तो और मुख्य सड़क पर फैले इसी कुड़े पर होकर छठव्रती बीअआरबी कालेज स्थित छठ घाट का रूख करेंगे.
