बिजली के प्रीपेड मीटर को सरकारी फरमान द्वारा घरों में जबरिया लगाया जा रहा है. विलंब शुल्क के साथ बकाए भुगतान की पुरानी व्यवस्था खत्म कर दी गई है. कनेक्शन तत्काल काट दिया जा रहा है. जिन गरीब-निम्न-मध्यवर्गीय घरों के खर्च में भोजन व दवाएं सबसे प्राथमिक हुआ करती हैं, उनके ऊपर बिजली शुल्क के तत्काल भुगतान का अतिरिक्त बोझ डाल दिया गया है. विभाग पहले लाखों- लाख रूपये बकाया रखने वाले सरकारी दफ्तरों, अधिकारियों के आवासों का बिजली काटकर प्रीपेड मीटर लगाएं ताकि उन्हें भी मीटर की खामियाजा भोगना पड़े और साथ ही जनता में सही संदेश जा सके. पहले डेमो करने के दौरान गड़बड़ी पकराने पर अंशु टीजीएल को बैन कर चुकी विभाग इस वार डेमो करने से भाग रही है। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।