शारदीय नवरात्र, लोगों में हैं विस्वास यहां आने वाले श्रद्धालुओं की हर मन्नते होती है पुरी, नवरात्र में दर्शन को उमड़ती है भीड़। बाघोपुर स्थिति दूर्गा मंदिर में होती है पुजा।खोइछा भरने 20 गांवों से आती है महिलाएं। जिन्हें संतान की प्राप्ति नहीं होती है। वे माता के दरबार में कृपा लेकर संतान रत्न को प्राप्त करते हैं। फोटो 1 शिवाजीनगर, बाघोपुर स्थित दुर्गा मंदिर लगा पंडाल की तस्वीर। प्रखंड क्षेत्र में ऐसे तो आस्था की भावना में सालों भर देवी देवताओं की पूजा अर्चना श्रद्धा और उल्लास के साथ की जाती है। लेकिन नवरात्र में मां दुर्गा की अर्चना को लेकर श्रद्धालुओं का उल्लास देखते ही बनता है। नवरात्र में सभी मंदिरों के पूजा पंडालों में भक्ति में माहौल बना रहता है। प्रखंड के बाघोपुर स्थित दुर्गा मंदिर दरबार का नजारा ही कुछ अलग ढंग का रहता है। इस मंदिर में माता वैष्णवी की पूजा होती है। पारिवारिक सुख समृद्धि और मनोकामना पूरी होने के लिए क्षेत्र के कई गांवों के श्रद्धालुओं की भीड़ इस मंदिर परिसर में जूटती है। इस मंदिर वाली माता की महिमा इतनी आगम अपार है की इनकी कृपा से कई घरों में चिराग जले हैं। श्रद्धालुओं को माता के प्रति इतनी आस्था है। माता के दरबार में कृपा लेकर संतान रत्न को प्राप्ती होती है। यहां आने वाले हर श्रद्धालु की मन्नतें पूरी होती है। पिछले 50सालो से शारदीय नवरात्र मां दुर्गा की पूजा अर्चना होती है। पट खुलते ही श्रद्धालुओं की उमरती है भीड़ बताया जाता है की बाघोपुर स्थिति मंदिर में स्थापित किए जाने वाली मां दुर्गा की महिमा इतना विख्याती है कि 20 गांवो की महिलाएं खोइछा भरने के लिए इस मंदिर में पहुंचती हैं। जागरण की रात माता का पट खुलने के साथ ही खोईछा भरने के लिए महिला श्रद्धालुओं की तांता लगने लगता है। खास करके नवमी और दशमी के दिन श्रद्धालुओं की भीड़ और अधिक झुकती है। ऐसा माना जाता है कि यहां माता मनकामना दायी है। अपनी मुरादे लेकर माता के दरबार में पहुंचने वाले भक्त खाली हाथ नहीं लौटता है । जागरण के बाद से ही मंदिर में माता की प्रतिमा के सामने ढोल और बाजे के साथ फूल चढ़ाने का कार्य शुरू हो जाता है। भक्त अपनी मनाते पूरा करने के लिए माता के चरण पर फूल रखकर मन्नते मांगते हैं।