* माले प्रखण्ड कमिटी की बैठक में लिए गये आंदोलनात्मक निर्णय * निजी क्षेत्रों को आरक्षण के दायरे में लाए बिना दलित-पीछड़ों का विकास असंभव- धीरेन्द्र * पार्टी-संगठन को मजबूत कर काली ताकतों के खिलाफ लड़ाई तेज करेगी माले- उमेश कुमार * अन्नदाता को नजरअंदाज नहीं करे प्रशासन-सरकार, 13 सितम्बर समाहरणालय पर प्रदर्शन- सुरेन्द्र ताजपुर, 1 सितंबर '21 निजी क्षेत्रों को आरक्षण के दायरे में लाए बिना दलित- गरीब- पीछड़ों का विकास असंभव है. सरकारी के आनाकानी के खिलाफ भाकपा माले योजनाबद्ध तरीके से महागठबंधन को साथ लेकर आंदोलन तेज करेगी. जाति आधारित जनगणना, निजी क्षेत्र में आरक्षण का विस्तार, मोदी सरकार की देश बेचने की मुहिम और किसान विरोधी कारपोरेट पक्षीय कृषि कानून की वापसी