सरकारी परिसर एवं स्वास्थ्य संस्थानों में जल्द ही तंबाकू मुक्त परिसर का बोर्ड अथवा होर्डिंग, साइनेज या दीवाल लेखन लगाने की व्यवस्था होगी। जिसका उल्लंघन करने वालों को दंडित करने के प्रावधान का भी प्रावधान किया गया है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव ने आदेश जारी किया गया है। सरकारी परिसर अथवा चिकित्सीय संस्थान में तंबाकू इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने पर त्वरित दंड का प्रावधान भी किया गया है। तंबाकू का सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव स्कूली बच्चों एवं युवाओं पर पड़ रहा है। सभी को एकजुट होकर प्रयास करने की जरूरत है, जिससे समाज को तंबाकू सेवन के खतरे से अवगत कराते हुए उन्हें तंबाकू से दूरी बनाने के लिए प्रेरित किया जाना है।सिविल सर्जन डॉ. सत्येंद्र कुमार गुप्ता ने बताया सभी प्रकार के कैंसरों में तंबाकू के सेवन से जुड़े कैंसरों का हिस्सा 40 प्रतिशत है। इसके अलावा 90 प्रतिशत मुंह का कैंसर तंबाकू के प्रयोग से होते हैं। तंबाकू सेवन पर रोक लगाने एवं साथ ही तंबाकू से होने वाले विभिन्न प्रकार के कैंसर के बारे में वृहत पैमाने पर जन-जागरूकता फैलाने की जरूरत है। तंबाकू का दुष्प्रभाव सबसे अधिक स्कूली बच्चों एवं युवाओं पर पड़ रहा है। इसको लेकर सभी विभाग आपसी समन्वय से तंबाकू के सेवन पर नियंत्रण एवं तंबाकू नियंत्रण अधिनियम-2003 के प्रभावी अनुपालन के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करें।इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।