बिथान प्रखंड के ग्राम पुसहो में पहली बार सिंहारे सिंघाड़ा की खेती किया गया,डॉं रेड्डी फाउंडेशन की मदद से । यहाँ के किसान चंद्रशेखर यादव ने मखाना अनुसंधान केन्द्र दरभंगा से 5 कठ्ठा खेत के लिए पौधा लाकर अपने खेत मे लगाया । फेसिलिलेटर मो0 मंगनु ने बताया कि 3 अगस्त 2021 को चन्द्रशेखर यादव के साथ 4 अन्य किसान ने मखाना अनुसंधान केन्द्र दरभंगा से ट्रेंनिंग लिया । डॉ BR Jana तथा दो अन्य साइंटिस्ट ने मखाना लगाने, प्लांट तैयार करने तथा इसकी देखभाल के लिए ट्रेनिंग दिया । जिसमें कि निम्न जानकारी दी गई है ।लागत-10000 से 12000 रुपए प्रति एकड़ तथा उपज 5 से 6 क्विंटल प्रति एकड़ होता है । जिससे किसान को लगभग 25 से 30 हजार रूपए आमदनी हो जाती है । इसकी अवधि जून जुलाई से नवंबर दिसंबर तक होता है । सिंघाड़े का पौधा मुफ़्त में मखाना अनुसंधान केन्द्र दरभंगा से किसानों को दिया गया है/ गुलशन कुमार ( एरिया मैनेजर, डॉ रेड्डी फाउंडेशन) ने बताया कि पिछले कई वर्षों से देखा गया है , कि हम लोगों के क्षेत्र में अधिक वर्षा और बाढ़ के कारण खरीफ फसल नष्ट हो जाता है । डॉ रेड्डी फाउंडेशन पिछले लगभग 3 साल से समस्तीपुर में किसानों के साथ उनके उत्पादन , उपज में वृद्धि तथा लागत कम कराने के लिए कार्यरत हैं ।