अपने 31 वां स्थापना दिवस पर आइसा ने शहर के भगत सिंह एवं अंबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद सोमवार को विशाल जुलूस निकालकर बीआरबी कालेज स्थित शहीद का० चंद्रशेखर सभागार एवं रोहित वेमुला नगर में खुला सत्र से 6 ठे जिला सम्मेलन की शुरूआत की.पूर्व छात्र नेता अवधेश कुशवाहा ने सम्मेलन का उद्घाटन किया. सम्मेलन को बतौर मुख्य वक्ता आइसा राज्य सचिव साबीर कुमार ने संबोधित करते हुए कहा कि चुनाव में प्रति वर्ष दो करोड़ बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने का वादा करने वाली मोदी सरकार चुनाव वाद नौकरी देने के वादा को जुमला बता दिया. ठीक उन्हीं के नक्शेकदम पर चलकर बिहार के भाजपा- जदयू सरकार ने 19 लाख नौजवानों को नौकरी देने का वादा किया था लेकिन नौकरी देने की बात तो दूर पहले से सरकारी एवं गैर सरकारी नौकरी कर रहे नौजवानों को नौकरी से छटनी कर रही है. निजी अस्पताल की तरह शिक्षा को भी आमजनों की पहुँच से बाहर किया जा रहा है. अब शिक्षण संस्थान को कारपोरेट घराने के हवाले किया जा रहा है. कोरोना काल में चिकित्सा की बदतर स्थिति में लाखों लोग मर गये.सभा को इनौस जिला सचिव आशिफ होदा, भाकपा माले जिला सचिव प्रो० उमेश कुमार आदि ने संबोधित किया.विदाई जिला सचिव सुनील कुमार द्वारा प्रस्तावित दस्तावेज का पाठ किया गया. दस्तावेज पर बहस में गंगा पासवान, ललित सहनी, सोनू कुशवंशी, रवि कुमार समेत दर्जनों छात्र- छात्राओं ने हिस्सा लिया. जिला सचिव सुनील द्वारा छूटे कामकाज के रिपोर्ट को दस्तावेज में शामिल करने की घोषणा के बाद उपस्थित 3 सौ से अधिक डेलीगेट ने तालियों की गड़गड़ाहट से दस्तावेज को पारित कर दिया। इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
