किशोरी से बलात्कार के आरोपी को सश्रम आजीवन कारावास की सजा एक लाख रुपये अर्थदंड भी ---------------------- समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के एक गांव में एक किशोरी से बलात्कार कर उसके साथ दरिंदगी करने के आरोप में न्यायालय ने आरोपी युवक को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई हैं। मिली जानकारी के अनुसार दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के एक गांव में बीते 6 अप्रैल 2016 को शाम में शादी समारोह में शामिल होने करीब 10 वर्षीय किशोरी गयी थी। उसी दौरान बच्ची खाना खाने के बाद अपने घर नहीं लौटी। जिसके बाद परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू कर दी। खोजबीन के दौरान बच्ची को मकई के खेत में नग्न अवस्था में खून से लथपथ मिली। इसके बाद परिजनों ने उसे आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे उसकी गंभीर अवस्था को देखते हुए पीएमसीएच रेफर कर दिया गया था। बच्ची के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दी गई थी। बलात्कार करने के बाद बच्ची के गुप्तांग को धारदार हथियार से हमला किया गया था एवं उसके होंठ पर भी चाकू से वार किया गया था। जिसके बाद बच्ची के बयान पर दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के पांड गांव निवासी दीपक पासवान पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। घटना के करीब 5 साल बाद शनिवार 31 जुलाई 2021 को आखिरकार आरोपी दीपक पासवान को न्यायालय द्वारा आरोपित सिद्ध करते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई एवं ₹1 लाख 6 हज़ार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। इस मामले में विशेष लोक अभियोजक विनोद कुमार ने बताया कि दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के पांड गांव निवासी दीपक पासवान को सश्रम आजीवन कारावास एवं ₹1 लाख 6 हज़ार रुपये का जुर्माना की सजा दी गई। घटना के संबंध में बताया गया है कि पीड़ित बच्ची गांव के ही किसी शादी में शामिल होने गई थी। जिसके बाद खाना खाकर वह नहीं लौटी तो परिवार वालों ने उसकी खोजबीन शुरू कर दी। खोजबीन शुरू करने के बाद बच्ची मकई के खेत में खून से लथपथ अवस्था में मिली। इसके बाद बच्ची ने बताया था कि दीपक पासवान ने उसके साथ बलात्कार किया एवं चाकू से उसके गुप्तांग एवं होठों को भी जख्मी कर दिया। चुकी मामले में किशोरी के साथ हैवानियत की गयी थी। विशेष न्यायाधीश पास्को कोर्ट श्री देशमुख ने सशस्त्र आजीवन कारावास के साथ ₹1 लाख 6 हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया। उन्होंने बताया कि उक्त आरोपी पर पास्को एक्ट से जुड़ा एक और केस पहले से दर्ज था। आरोपी युवक महिला एवं बच्चियों के खिलाफ कई बार इस तरह के आपराधिक मामलों में संलिप्त पाया गया है। इसको लेकर न्यायालय से गुहार लगाया गया था कि इसे सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुना जाए ताकि यह फिर किसी बच्ची को अपना शिकार न बना सके। इसके बाद न्यायालय ने उसे सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई।इस मामले में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अमरेंद्र कुमार ने अपना पक्ष रखा था जिसे न्यायालय ने ठुकरा दिया है !
