मनरेगा कानून का मौलिक स्वरुप केन्द्र सरकार बहाल करें-उपेन्द्र* गरीबों का रोज़गार कानून मनरेगा की हत्यारी मोदी सरकार इस्तीफा दें-जीवछ* *# 200 दिन काम और 600 रुपये दैनिक मजदूरी की सरकार गारंटी करें-अशोक* समस्तीपुर अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा(खेग्रामस) व मनरेगा मजदूर सभा के बैनर तले संयुक्त तत्वाधान में देशव्यापी प्रतिवाद मार्च निकाल कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पुतला दहन करने की आंदोलन समस्तीपुर शहर के विभिन्न मार्गो होते हुए मालगोदाम लेनिन चौक स्थित के निकट सभा में तब्दिल हो गया सभा को खेग्रामस जिला अध्यक्ष सह मनरेगा जिला प्रभारी उपेन्द्र राय,खेग्रामस जिला सचिव जीवछ पासवान,अशोक कुमार यादव,अनिल चौधरी,टिंकू कुमार यादव,रामचंद्र पासवान,अम्लेंदू कुमार,मो0 अन्नू अली सुरेन्द्र राय आदि नेताओं ने संबोधित किया। जीवछ पासवान व उपेन्द्र राय संयुक्त रुप से कही मनरेगा कानून को मोदी सरकार हत्या करने पर तुली है,लगातार संशोधनों के जरिये उसे कमजोर बना दिया गया है मोदी सरकार द्वारा हाल में जारी एडवाइजरी ने यूनिवर्सल जॉब गारंटी के उसके मौलिक तत्व को ही खारिज कर दे रहा है,मांग आधारित काम पाना और काम नही मिलने पर बेरोजगारी भत्ता पाने का क्लेम करना इस कानून का अहम पक्ष है। इसे टुकडो़ टुकडो़ में विभाजित कर अंतत: कानून को केन्द्र सरकार हत्या कर देना इस सरकार की मंशा है,इस प्रतिवाद मार्च व पुतला दहन आंदोलन के माध्यम से सरकार से हमारी मुख्य मांगे मनरेगा कानून का मौलिक स्वरुप बहाल करने,200 दिन काम 600 रुपये दैनिक मजदूरी देने, मनरेगा कानून को लेकर एडवाइजरी सरकार वापस लें, किसान-मजदूर विरोधी मोदी सरकार के खिलाफ अभियान तेज की जाएगी।आज 26 जुलाई को देशव्यापी वामदलों से जुडे़ खेत एवं ग्रामीण मजदूर संगठनों की ओर से की गयी।