डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय का मुख्य द्वार खोलने, विश्वविद्यालय में एक सौ से अधिक पदों पर की गई स्किल सर्पोटिंग स्टाफ की बहाली की जांच, विश्वविद्यालय द्वारा एलडीसी व जूनियर अकाउंटेंट क्लर्क का जारी किए गए शॉर्टलिस्ट में सुधार करने इत्यादि मांग को लेकर आंदोलन के तीसरे आइसा कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया। भाकपा-माले प्रखंड सचिव अमित कुमार ने प्रीति कुमारी, मनीषा कुमारी को माला पहनाकर उत्साहवर्द्धन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कुलपति व सुरक्षा पदाधिकारी के विरूद्ध जमकर नारेबाजी भी की। अनशन स्थल पर एक सभा भी आयोजित की गई। सभा की अध्यक्षता आइसा प्रखंड अध्यक्ष रौशन कुमार व संचालन भाकपा-माले प्रखंड सचिव अमित कुमार ने किया। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा-माले जिला सचिव प्रो. उमेश कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय के कुलपति अपने पूर्व कार्य स्थल पोर्ट ब्लेयर समेत अन्य स्थानों पर से अपने सगे-संबंधियों व अपने पूर्व के कार्य स्थल के पदाधिकारियों के बेटा, बेटी, दामाद समेत कई पदाधिकारियों आदि की नियुक्ति विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में किए हुए हैं, इसकी जांच जरुरी है। महागठबंधन से भाकपा-माले के प्रत्याशी रहे रंजीत राम ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा आंदोलनकारियों से अविलंब संतोषजनक वार्ता नहीं की जाती है तो कल्याणपुर चौक से छात्र - युवाओं के जत्था के साथ प्रतिरोध मार्च निकालते हुए विश्वविद्यालय मुख्य द्वार पर पहुंच कर आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा। मौके पर जिला सचिव प्रो. उमेश कुमार, महागठबंधन से भाकपा-माले के उम्मीदवार रहे रंजीत राम, जिला कमिटी सदस्य उपेन्द्र राय, माले नेता महेश सिंह, सुरेश कुमार , सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष पुष्कर, छात्र नेता अमृत ठाकुर, रवि रौशन आइसा जिला सचिव सुनील कुमार, आइसा नेता गंगा प्रसाद पासवान, जितेन्द्र सहनी, दीपक यादव, मो० जावेद, मो० शमीम, नवीन कुमार अभिषेक कुमार चंदन कुमार,अनमोल कुमार, राहुल कुमार शम्स तबरेज़, राजद नेता प्रभात कुमार, राजेश साहनी, बेचन कुमार आदि दर्जनों लोग मौजूद थे। ।इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।