समस्तीपुर शहर जो पहले नगर परिषद था, अब नगर निगम, इसके अंतर्गत शायद ही कोई मुहल्ला है जो जलमग्न नहीं है. काशीपुर, बारह पत्थर, बीएड कालेज रोड, आरएनएआर कालेज रोड, दुर्गा पैलेस रोड, तिरहुत अकादमी रोड समेत करीब सभी मुहल्ले में नाव चलने की स्थिति है. लोग घर से निकल नहीं पा रहे हैं. यहाँ तक कि बहुतेरे घर में भी पानी के साथ सड़क के कुड़े- कचड़े भड़े पड़े हैं. आश्चर्य की बात है कि इन मुहल्लों में करोड़ों की लागत से नाला भी बना हुआ है लेकिन अधिकांश नाले भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ गये तो कुछ नाले जाम पड़े हुए हैं. बार- बार नप में नाला उड़ाही का बिल बनता है, भजता भी है लेकिन खानापूर्ति के सिवा कुछ नहीं हो पाता. युद्ध स्तर पर इसकी सफाई कराकर पहले से ही कोरोना से परेशान व्यवसाई एवं जनता को राहत दिलाने की जरूरत है लेकिन ननि आयुक्त संजीव कुमार तो चैन की नींद सो रहे हैं. खैर वे अधिकारी हैं, नौकरी कर रहे हैं. आज यहाँ हैं, कल कहीं और रहेंगे पर अध्यक्ष श्री तारकेश्वर गुप्ता तो समस्तीपुर शहर के हैं, वे शहर के अपने हैं पर इन्हें भी शहरवासी को सुविधा दिलाने से अधिक ननि बजट पास कराने की चिंता है, हो भी क्यों नहीं, न हिंग- न हल्दी, करोड़ों के फायदे। इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
