डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा स्थिति अखिल भारतीय मशरूम अनुसंधान केंद्र के मार्गदर्शन में युवा सौर्य द्वारा समस्तीपुर जिले के रोसरा प्रखंड के बैद्यनाथपुर गांव के सामुदायिक भवन में स्थानीय किसानों लेकिन के लिए मशरूम उत्पादन एवम प्रसंस्करण का एकदिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया कार्यक्रम में बैजनाथपुर गांव के 25 किसानों ने भाग लिया कृषि *अपसिष्टों का बेहतर उपयोग है मशरूम उत्पादन* प्रशिक्षण में उपस्थित प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए डॉ दयाराम ने कहा की कम संसाधन का उपयोग कर कृषि अपशिष्टों का उपयोग कर मशरूम उत्पादन किया जा सकता है। बाजार में मांग के अनुसार उत्पादन नहीं होने के कारण मशरूम उत्पादन में अभी बेहतर भविष्य है। *क्लस्टर में मशरूम का उत्पादन दे सकता है अच्छा बाजार* कार्यक्रम में प्रशिक्षकों को संबोधित करते हुए स्वयंसेवी संस्था संघ के सचिव संजय कुमार बबलू ने प्रशिक्षुओं के मशरूम उत्पादन की बिक्री की शंका का समाधान करते हुए बताया कि अगर आप किस आंगन क्लस्टर बनाकर उत्पादन करते हैं तो मशरूम खरीद करने वाले व्यापारियों के लिए आपके यहां से मशरूम खरीदना आसान होगा और आप के उत्पादन के बिक्री की कोई समस्या नहीं रहेगी। *स्वास्थ्य के लिए उत्तम है मशरूम के व्यंजन* इस ऑनलाइन प्रषिक्षण कार्यक्रम में मशरूम से बनने वाले विभिन्न व्यंजनों के बारे में चर्चा करते हुए युवा सौर्य के सचिव सह मिशन स्वाबलंबन के स्वाबलंबन कनेक्ट केन्द्र के मुख्य कार्यकारी दीपक कुमार ने बताया कि मशरूम के व्यंजन स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में कारगर होते हैं इसलिए मशरूम की खेती से आमदनी के साथ-साथ स्वास्थ्य को भी फायदा मिलता है। कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीणों में सुमन कुमार रंजू देवी रूबी देवी मीनू देवी इत्यादि ने भाग लिया। इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।