1998 में कारगिल युद्ध के दौरान दुश्मनों के साथ लोहा लेते हुए भारत माता की गोद में चिर निंद्रा में सोने वाले शहीद केशव की तीनों बेटियों ने शहीद अमन के प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर तिरंगा यात्रा के शुभारंभ के समय कहा कि हमें गर्व है कि हम ऐसे पिता की बेटियां हैं जिन्होंने भारत माता की रक्षा हेतु अपने प्राणों का बलिदान कर दिया उनकी छोटी बेटी ने कहा कि जिस समय उनके पिता शहीद हुए थे उस समय वे अपनी मां के गर्भ में थे लेकिन हमें गर्व है अपने पिता पर और मैं फक्र के साथ कहती हूं कि अगर मौका मिला तो मैं भी भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सेवा करूंगी।पूरी खबर सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।