मनरेगा कार्यक्रम अंतर्गत उरासी योजना में जनप्रतिनिधियों के द्वारा सरकारी राशि की लूट नौकरशाही की मदद से की जाती है क्योंकि उड़ा ही योजना में घास काट कर पदाधिकारियों को मिलाकर राशि की निकासी कर ली जाती है एवं अगले महीने उस जगह वही घास उग आता है जिसका कोई औचित्य नहीं है यह योजना सिर्फ जनप्रतिनिधियों व नौकरशाहों के जेब भरने के काम आ रहा है कहीं अगर काम कराया भी जाता है तो जेसीबी के माध्यम से और कहीं तो बाल मजदूर के माध्यम से भी काम कराया जाता है और वह भी नगण्य रूप से मोबाइल बानी के माध्यम से मैं आप लोगों की राय जानना चाहता हूं आप लोग तीन दबाकर अपने क्षेत्र में होने वाले इस लूट योजना के बारे में हमारे पास जानकारी दर्ज करा सकते हैं ।