बिथान अंचलाधिकारी लगातार करते जा रहे मनमानी समस्तीपुर: जिले के विथान अंचल के अंचलाधिकारी विमल कुमार कर्ण अपने को जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जिलाधिकारी समस्तीपुर और पटना उच्च न्यायालय, पटना के माननीय न्यायधीश से भी ऊपर अपने को समझते हैं और इन लोगों के आदेश को भी नही मानते हैं। जिसका आज ताजा उदाहरण यह है कि एक नजायज लोग को नाजायज लाभ के लिए पुसोहो पंचायत स्थित कबीर मठ में मठाधीश के रूप में पद स्थापित किए जाने के कारण बिथान अंचल में भय और आतंक का माहौल कायम हो गया है। वर्त्तमान स्थिति जो है कभी भी बड़ी घटना या नरसंहार की घटना होने से इनकार नहीं किया जा सकता। इसकी सारी जवाबदेही अंचलाधिकारी बिथान की होगी। इस संबंध में महंत राम नंदन शास्त्री ने जिला प्रशासन और रोसरा अनुमंडल पदाधिकारी को लिखित सूचना अंचलाधिकारी विथान के क्रियाकलापों के बारे में दिया है। वैसे भी अंचलाधिकारी विथान मुख्यालय में नहीं रह कर बाहर से आना-जाना करते हैं और साथ ही जिले के और जिले के बाहर के अपराधियों से इनका सांठगांठ होने की भी क्षेत्र में चर्चा है । अंचलाधिकारी विथान के क्रियाकलापों से कोई ना कोई बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता है । आज अंचलाधिकारी विथान से मठ के बारे में पूछा गया तो उन्होंने उचित जवाब न देकर धिधियाने लगे। अंचलाधिकारी ने बताया कि बिथान अंचल को बदनाम करने की कोई साजिश कर रहा है । बरहाल जो भी ही ये तो जांच के बाद ही खुलासा होगा। अब देखना है जिलाप्रशाशन इसपर क्या करवाई करती है क्योंकि स्थानीयों में अंचलाधिकारी के खिलाफ जनाक्रोश बढ़ता जा रहा है।