कोरोना गाईड लाईन का पालन करते हुए सेनेटाईजर, मास्क का प्रयोग कर, दूरी बनाकर चुनिंदे जसम से जुड़े नाट्य- गायन- वादन टीम "दस्तक" की टोली ग्रामीणों के साथ मोतीपुर वार्ड-12 स्थित हनुमान मंदिर से होली गायन शुरू किया जो पूरवारी टोल फौजी दिनेश राय के घर होते हुए वार्ड- 10 दशरथ सिंह के घर होते हुए नेशनल हाईवे किनारे स्थित विश्वकर्मा मंदिर से गुजरते हुए वार्ड-13 के सीमा अमरेश सिंह के घर के पास चैतावर गाकर अगले वर्ष भी ऐसे ही कार्यक्रम करने एवं इसमें भाग लेने के निमंत्रण के साथ ही समाप्त हुआ. कार्यक्रम के दौरान ताड़ी, शराब, गाजा, भांग आदि नशे से होने वाले नुकसान से जोड़कर होली- जोगिरे गाये गये. व्यवहार में समृद्ध और शालिन शब्दों का ईस्तेमाल करने एवं अपशब्द समेत कुसंस्कृति से बचने की हिदायत भी दी गई. इस दरम्यान गायन टोली लोगों के घर- घर जाकर होली गीत और जोगिरा गाकर लोगों को झूमने को मजबूर कर दिया. जहाँ एक ओर परम्परागत होली गीत "बबुआ सरवन कुमार मत जईयो पनिया भरण को', "चललन वनमा की ओर अवध के राम रजवैया- संगवा चले लक्ष्मण सीता मईया" ने लोगों को गमगीन कर दिया वहीं "अखियाँ भईले लाल एक नींद सुते द बलमुआ", "कान्हा करे बलजोरी रे मईया मेरी मटुकिया फोरी" पर लोगों ने थिरकते दिखे. समसामयिक राजनीतिक होली मसलन " उठअ् मजदूर- किसान देशवासियों के जुल्मी से बचाबअ्", " "मोदी करे बलजोरी किसनमा", "गांधी तेजलन प्राण टूटली भवनमा में जाईके" जैसे होली गाकर वर्तमान किसान- मजदूर विरोधी राज्य एवं केंद्र सरकार की आलोचना की गई विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
