जीकेसी से जुड़े पदाधिकारियों एवं सदस्यों की महत्वपूर्ण बैठक आज जीकेसी की प्रदेश अध्यक्ष डा.नम्रता आनंद की अध्यक्षता में जीकेसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कायस्थ रत्न श्री राजीव रंजन प्रसाद के आवास पर हुयी। इस अवसर पर आगामी 26 मार्च को होने वाले महादेवी वर्मा सम्मान के बारे में विस्तृत तौर पर चर्चा की गयी। श्री राजीव रंजन ने अपने संबोधन में कहा कि पद्मश्री, ज्ञानपीठ, पद्मविभूषण से सम्मानित महादेवी वर्मा को हिंदी की सर्वाधिक प्रतिभावान कवियित्रीयों में से एक माना जाता है। महादेवी वर्मा हिन्दी साहित्य में छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक मानी जाती हैं।महादेवी वर्मा मशहूर कवियत्री और सुविख्यात लेखिका तो थीं हीं, इसके साथ ही वह एक महान समाज सुधारक भी थीं। इन्होंने महिलाओं के सशक्तीकरण पर विशेष जोर दिया और महिला शिक्षा को काफी बढ़ावा दिया था। उन्होंने महिलाओं को समाज में उनका अधिकार दिलवाने और उचित आदर सम्मान दिलवाने के लिए कई महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी कदम उठाए थे। इस अवसर पर जीकेसी की प्रबंध न्यासी श्रीमती रागिनी रंजन ने कहा महादेवी वर्मा एक महान कवयित्री होने के साथ-साथ हिंदी साहित्य जगत में एक बेहतरीन गद्द लेखिका के रूप में भी जानी जाती हैं। महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला ने उन्हें 'हिंदी के विशाल मंदिर की सरस्वती' कहा था। उन्हें आधुनिक मीरा भी कहा गया है क्योंकि इनकी कविताओं में से एक प्रेमी से दूर होने का कष्ट एवं इसके विरह और पीड़ा को बेहद भावनात्मक रूप से वर्णित किया गया है। इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।