समस्तीपुर : कृषक बंधु जो अपनी आय दोगुनी करना चाहते हो वह बकरी पालन कर अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं। सबसे पहले उन्हें बकरी की नस्लों का चयन करना होता है। बकरी की काफी अच्छी नस्ले हैं, जैसे- जमुनापारी, बरबरी सिरोही, सोजत, बोयर, ब्लैक बंगाल, आदि। बकरियों में आन्तरिक कृमि नाशक दवा का प्रयोग बहुत महत्वपूर्ण है। बकरियों का टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है। बकरियों का बाड़ा ऊंचा होना चाहिए, जिससे सफाई अच्छे से हो और मल मूत्र नीचे बह सके। भारत में बकरियों के लिए बकरियों के प्रग्नेन्ट होने की थोड़ी समस्या है, गांव में एक ही बकरे से सभी बकरियों को प्रग्नेन्ट होती रहती है, जिससे आगे उनके बच्चों में कमजोरी, खाने की समस्या आदि आ जाती है। बकरियों को हरा चारा, पत्तियां ज्यादा ज्यादा पसंद होती हैं अतः ऐसे आहार दें, जो बकरियों को ज्यादा पसंद हो और ज्यादा पाचनशक्ति वाला हो। बकरियों को आहार पचाने के लिए आराम की जरूरत होती है, उन्हें आराम, जुगाली के लिए उचित समय देना चाहिए। बकरियों के मेमनो के लिए 2 महीने बाद अलग स्थान बनाना चाहिएं, जिससे बकरी आराम कर सकें, दूध उत्पादन अधिक हो और उन की आय दोगुनी हो सके।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।